Why India bans import of laptops?

India bans import of laptops: भारत सरकार ने लैपटॉप्स और कंप्यूटर के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है। सरकार ने यह फैसला घरेलु मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने और मेक इन इंडिया कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए लिया है। इस निर्णय के बाद चीन की लैपटॉप एवं कंप्यूटर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स को बड़ा झटका लग सकता है। सरकार द्वारा यह प्रतिबंध HSN 8741 केटेगरी के कंप्यूटर, लैपटॉप और टेबलेट के इम्पोर्ट पर लगाया है। आइये जानते इस प्रतिबंध के बारे में सारी जानकारी –

Why India bans import of laptops?

केंद्र की मोदी सरकार द्वारा हाल ही में लैपटॉप, टैबलेट और कम्प्यूटर्स के इम्पोर्ट्स पर कुछ प्रतिबंध लगा दिए है। यहां कही भी पूर्ण रूप से आयात पर प्रतिबंध नहीं लगाया है। भारत सरकार द्वारा ‘आत्मनिर्भर भारत’ लक्ष्य को बूस्ट देने के लिए ये फैसला लिया है। लगभग 70 प्रतिशत लैपटॉप चीन से आयात किये जाते है जो 5 बिलियन डॉलर के आंकड़े को छू गए थे। भारत ने लोकल निर्माताओं को प्रमोट करने और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए ये फैसला लिया है।

इस प्रतिबंध से सबसे बड़ा फायदा भारत के लोकल निर्माताओं को तो होगा ही साथ में भारत की अर्थव्यवस्था को भी बहुत बड़ा लाभ मिलने वाला है। हाल में जिओ ने बहुत ही सस्ता लैपटॉप लांच किया है जिसकी कीमत बहुत ही अफोर्डेबल है, जिसे एक स्मार्टफोन की कीमत पर ही ख़रीदा जा सकता है।

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सरकार ने तत्काल निष्पक्ष उपाय अपनाकर लैपटॉप, टैबलेट, और पीसी के आयात पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया, जिसका मुख्य उद्देश्य स्थानीय विनिर्माण को बढ़ावा देना है। अब वैलिड लाइसेंस द्वारा ही ये कंपनियां लैपटॉप और कम्प्यूटर्स आयात कर पायेगी। सरकार द्वारा एक नोटिस के अनुसार, ये उत्पाद (कंप्यूटर, लैपटॉप और टेबलेट) अब केवल तभी आयात किए जा सकते हैं जब विशेष आयात परमिट प्राप्त कर।

लैपटॉप पर पूर्णतः बैन नहीं

भारत सरकार ने लैपटॉप और कम्प्यूटर्स पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाया है बल्कि कुछ परिस्थितियों में लाइसेंस के तहत आयात करने की अनुमति सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी।  सरकार ने HSN 8741 केटेगरी के अंतर्गत आने वाले टैबलट, लैपटॉप्स और कम्प्यूटर्स के आयात पर ही बैन लगाया है।

अब कंपनियों को लैपटॉप्स और कम्प्यूटर्स को इम्पोर्ट करने के लिए एक लाइसेंस की जरूरत पड़ेगी उसके बाद ही कोई कंपनी इन प्रोडक्ट्स को भारत में आयात कर पायेगी।

मिनिस्ट्री ऑफ़ कॉमर्स के अंतर्गत कॉमर्स विभाग के Directorate General of Foreign Trade द्वारा भारत की आयात निति में परिवर्तन किया गया है।