Anti Ragging Form : जानिए क्या है एन्टी रैगिंग कानून

Anti Ragging Form : अगर आप स्कूल और कॉलेज में पढें है तो रैगिंग शब्द से भलीभांति वाकिब होंगे यह शब्द सुनने में आपको जितना कठिन लग रहा है इसकी सच्चाई उससे भी ज्यादा भयानक है। बहुत पुराने समय से ही स्कूल और कॉलेजों में रैगिंग होते आ रही है। सीनियर छात्र अपने से छोटे छात्रों को जबरदस्ती डराकर या धमकाकर काम कराते है या उनके ऊपर या उनके परिवार के ऊपर अभद्र टिप्पणी करते है उनका मजाक उड़ाते है यह सभी कृत्य रैगिंग की श्रेणी में आते है।

रैगिंग किसे कहते है ? 

जब कोई व्यक्ति किसी भी संस्थान में किसी को जबरदस्ती डराकर या धमकाकर अपना काम कराए इसके अलावा उस व्यक्ति पर अभद्र टिप्पणी करें या उसका मजाक उड़ाए और व्यक्ति को मानसिक रुप से प्रताड़ित करें यह सभी रैगिंग की श्रेणी में आते है। विशेषकर स्कूल और कॉलेजों में सीनियर छात्रों द्वारा जूनियर छात्रों को परिचय के नाम पर रैगिंग की जाती है।

कई जगह देखा गया है कि कई दबंग छात्र अपने से जूनियर छात्रों को डराकर अपना काम कराते है और उनका अपमान करते है। कई शरीफ छात्र इस रैगिंग का शिकार हो जाते है और आत्महत्या तक का कदम उठा लेते है। कई ऐसे केस है जिसमें छात्रों ने रैगिंग से परेशान हो कर या तो अपनी पढ़ाई छोड़ दी या आत्महत्या कर ली ।

एन्टी रैगिंग कानून क्या है? |Anti Ragging Law 

छात्रों के परिचय से शुरू हुए रैगिंग ने 90 के दशक में उग्र रूप अख्तियार कर लिया हर जगह रैगिंग के मामले सामने आने लगे 1997 में तमिलनाडु में सबसे ज्यादा रैगिंग के मामले सामने आये उसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने साल 2001 में रैगिंग पर पूर्णतः प्रतिबंद्ध लगा दिया और इससे जुड़े कानून भी बना दिये। रैगिंग में दोषी पाए जाने की स्थिति में आरोपी को तीन साल की कारावास के साथ आर्थिक दंड भी लगाया जा सकता है। इसके अलावा स्कूल और कॉलेजों को भी सख्त आदेश दिए गए है कि जो भी स्कूल या कॉलेज रैगिंग में मामलों में अनदेखी करेगा उसके खिलाफ भी कार्यवाही की जाएगी।

ऐसा व्यवहार माना जायेगा रैगिंग 

यूजीसी ने कॉलेजों में रैगिंग के भयावह रूप को देखते हुए छात्रों के व्‍यवहार को लेकर कड़े नियम बनाए हैं। इसके तहत निम्‍न प्रकार के व्‍यवहार को रैगिंग माना जाएगा…

  • छात्र के रंगरूप या उसके पहनावे पर टिप्‍पणी की जाए या उसके स्‍वाभिमान को ठेस पहुंचाई जाए।
  • किसी छात्र का उसकी श्रेत्रीयता, भाषा या फिर जाति के आधार पर अपमान किया जाए।
  • छात्र की नस्‍ल या फिर उसके फैमिली बैकग्राउंड पर अभद्र टिप्‍पणी की जाए।
  • छात्रों से उनकी मर्जी के बिना जबरन किसी प्रकार का अनावश्‍यक कार्य कराया जाए।

Anti Ragging Form : छात्रों को भरना होगा एन्टी रैगिंग फॉर्म

विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में रैगिंग पर अंकुश लगाने के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने एक नया फरमान जारी किया है। जिसके अंतर्गत अब छात्रों को किसी भी कॉलेज में प्रवेश हेतु एक रेफरेंस नंबर की आवश्यकता पड़ेगी है इस रेफरेंस नंबर के बिना किसी भी कॉलेज में प्रवेश नहीं होगा।

यह रेफरेंस नंबर छात्रों को यूजीसी की एन्टी रैगिंग हेल्पलाइन पर ऑनलाइन anti ragging form भरने के बाद मिलेगा जिसमें लिखना होगा कि में कभी रैगिंग नहीं करूंगा/करूंगी रैगिंग एक अपराध है और अगर में यह करता हु तो मेरा कैरियर खत्म हो सकता है और मेरे ऊपर कानूनी कार्यवाही हो सकती है इस फॉर्म को भरने के बाद यूजीसी द्वारा आपको एक रेफरेंस नंबर दिया जाएगा जिसको आपको अपने कॉलेज के प्रवेश फॉर्म में दर्ज करना होगा ।

Anti Ragging Form Pdf download

यह एक तरीके का शपथ पत्र होगा जिसमें छात्र की पूरी जानकारी होगी इसके अलावा Anti Ragging form में छात्र की शपथ होगी कि वो कभी रैगिंग नहीं करेगा इस फॉर्म को भरने के बाद ही किसी भी छात्र को किसी कॉलेज में प्रवेश दिया जाएगा ।

एन्टी रैगिंग फॉर्म डाउनलोड करें –anti_ragging_affidavit (2)

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